
सरकार ने Meta से यह स्पष्ट करने को कहा है कि WhatsApp पर यूजरनेम सिस्टम लागू होने से यूजर सुरक्षा, साइबर अपराधों की जांच और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर क्या असर पड़ेगा। फिलहाल मंत्रालय कंपनी की ओर से भेजे गए विस्तृत जवाब की समीक्षा कर रहा है, जिसमें फीचर की आवश्यकता और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई है।
क्या है WhatsApp का Username फीचर?
WhatsApp एक ऐसा फीचर लाने की तैयारी कर रहा है, जिससे यूजर्स बिना अपना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। यह सुविधा Telegram और Signal की तरह होगी, जहां हर यूजर एक यूनिक यूजरनेम चुन सकेगा और उसी के जरिए दूसरे लोग उससे संपर्क कर पाएंगे।
Meta का कहना है कि इससे यूजर्स की प्राइवेसी बेहतर होगी, क्योंकि उन्हें अपना मोबाइल नंबर सार्वजनिक नहीं करना पड़ेगा। हालांकि भारत सरकार को आशंका है कि इससे साइबर अपराधियों की पहचान करना और धोखाधड़ी के मामलों की जांच करना मुश्किल हो सकता है।
सरकार को किस बात की चिंता?
सरकार का मानना है कि अगर मोबाइल नंबर की जगह केवल यूजरनेम का इस्तेमाल होने लगे, तो इसका फायदा उठाकर साइबर अपराधी फिशिंग, फर्जी पहचान (Impersonation), डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराध को अंजाम दे सकते हैं। 1 जुलाई को सरकार ने Meta से कहा था कि जब तक वह दुरुपयोग रोकने की स्पष्ट योजना नहीं बताती, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च न किया जाए।
Meta ने बताए सुरक्षा उपाय
Meta का कहना है कि WhatsApp पर यूजरनेम फीचर लागू होने के बावजूद सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। कंपनी के अनुसार—
किसी यूजर से चैट करने के लिए उसका सटीक यूजरनेम जानना जरूरी होगा।
यूजरनेम का अनुमान लगाकर मैसेज भेजने या स्पैम करने की अनुमति नहीं होगी।
संदिग्ध गतिविधियों और ब्रूट-फोर्स (Brute Force) हमलों की पहचान कर उन्हें रोकने के लिए विशेष सिस्टम लगाए जाएंगे।
सरकारी संस्थानों, सेलिब्रिटी और आधिकारिक संगठनों के लिए रिजर्व यूजरनेम उपलब्ध कराए जाएंगे।
किसी की पहचान की नकल करने वाले फर्जी या भ्रामक यूजरनेम को ब्लॉक किया जाएगा।
मोबाइल नंबर रहेगा अनिवार्य
Meta ने यह भी स्पष्ट किया है कि यूजरनेम फीचर आने के बाद भी WhatsApp अकाउंट बनाने और चलाने के लिए मोबाइल नंबर जरूरी रहेगा। यानी यूजरनेम केवल संपर्क का एक वैकल्पिक माध्यम होगा, मोबाइल नंबर का पूर्ण विकल्प नहीं।
अभी सरकार के फैसले का इंतजार
फिलहाल MeitY Meta के जवाबों की समीक्षा कर रहा है। यूजरनेम फीचर भारत में कब लॉन्च होगा, इसका फैसला सरकार और Meta के बीच चल रही बातचीत के बाद ही लिया जाएगा। गौरतलब है कि केवल WhatsApp ही नहीं, बल्कि Telegram, Signal और Arattai जैसे प्लेटफॉर्म भी सरकार की निगरानी में हैं, क्योंकि इन सेवाओं में पहले से यूजरनेम आधारित पहचान की सुविधा उपलब्ध है।
from टेक्नोलॉजी https://ift.tt/u26nsq7

