
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस 19 मिनट के वायरल वीडियो को किसी भी प्लेटफॉर्म पर शेयर न करें, क्योंकि ऐसा करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत गंभीर अपराध है। पुलिस के अनुसार, बिना सहमति किसी भी अंतरंग या आपत्तिजनक वीडियो को शेयर करना IT Act की धारा 66, 67 और 67A के तहत दंडनीय है, जिनमें कंप्यूटर-संबंधी अपराध, अश्लील सामग्री का प्रसार और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री शामिल है। दोषियों को जुर्माना, जेल या दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक चाहे वीडियो एआई-जनरेटेड ही क्यों न हो, इसे शेयर करना अपराध है। यूजर्स को गोपनीयता का सम्मान करना चाहिए और ऐसी सामग्री फैलाने से बचना चाहिए। हालांकि पुलिस द्वारा एआई की आशंका जताई गई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो की असलियत को लेकर अटकलें जारी हैं। कुछ पोस्ट में इसे असली बताया जा रहा है, जबकि शामिल व्यक्तियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस वीडियो को लेकर कई परेशान करने वाली अफवाहें भी फैल रही हैं। एक अलग वायरल क्लिप में दावा किया गया कि वीडियो लीक होने के बाद एक युवती ने गंभीर कदम उठा लिया। हालांकि अधिकारियों ने किसी संबंध की पुष्टि नहीं की है। ये घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि अपुष्ट खबरें कितनी तेजी से फैलती हैं और इससे जुड़े लोगों पर भावनात्मक असर कितना गहरा हो सकता है।
इस बीच इंटरनेट पर एक और वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक युवती जमीन पर निष्क्रिय पड़ी दिखाई दे रही है। कुछ यूजर्स ने इसे लीक MMS के साथ जोड़कर आत्महत्या की अफवाह फैला दी। अधिकारियों ने किसी भी संबंध की पुष्टि नहीं की है और एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि ऐसी अपुष्ट खबरें मानसिक तनाव बढ़ाती हैं और गलत सूचना को बढ़ावा देती हैं। Edited by : Sudhir Sharma
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